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मोती और कौड़ी की हिंदी कहानी | प्रेरणादायक हिंदी कहानियां

मोती और कौड़ी की हिंदी कहानी | प्रेरणादायक हिंदी कहानियां
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Dosto, Is post me hum ek bahut hi achhi Moti aur Kauri ki hindi kahani likh rahe hai, ye kafi prernadayak hai aur aaplogo ko is kahani se ek alag hi sikh milegi.

मोती और कौड़ी की हिंदी कहानी:

समुद्र के किनारे एक बहुत ही सुंदर मोती और एक साधारण सी कौड़ी दोनों साथ-साथ पड़े थे। मोती बहुत चमकदार और कीमती था, लेकिन कौड़ी देखने में बहुत साधारण थी। मोती को अपनी चमक पर बहुत गर्व था और वह हमेशा कौड़ी को नीचा दिखाने की कोशिश करता था।

एक दिन मोती ने अपने अहंकार भरे स्वर में कौड़ी से कहा- ‘मैं बहुत कीमती हूं। राजा- महाराजा मुझे अपने मुकुट में सजाते हैं। लोग मुझे पाने के लिए गहरे समुद्र तक खोजने के लिए जाते हैं। लेकिन तुम? तुम तो बेकार हो, तुम्हारी तो किसी को तुम्हारी जरूरत ही नहीं।


कौड़ी चुपचाप उसकी बातें सुनती रही और मुस्कुराकर बोली- ‘तुम सच में बहुत ही सुंदर और अनमोल भी हो, इसमें कोई शक नहीं। लेकिन मेरी भी अपनी एक खासियत है, जिसे तुम नहीं देख पा रहें हो।


उसी समय एक मछुआरा वहां आया। मछुआरे ने जैसे ही मोती को देखा, तुरंत उसे खुशी से उठा लिया। लेकिन जैसे ही उसने कौड़ी को देखा, उसने उसे भी उठा लिया और अपने टोकरी में रख लिया।


मोती हैरान हो गया। मोती ने हैरानी में कौड़ी से पूछा- मछुआरे ने तुम्हें भी क्यों उठाया? तुम तो बेकार थी न।


कौड़ी ने मुस्कुराते हुए कहा- मैं भले ही सुंदर न लगूं, लेकिन लोग मुझसे बटन, गहने और सजावट की चीजें बनाते हैं। मेरी अपनी एक अलग कीमत है। अब मोती को समझ में आ गया कि केवल बाहरी चमक ही सबकुछ नहीं होती. हर चीज की अपनी अहमियत होती है.


इस कहानी से सीख: किसी भी चीज की बाहरी सुंदरता से ज्यादा असली मूल्य उसकी उपयोगिता में होता है.

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