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सफलता के लिए अहंकार का त्याग जरूरी– Hindi Best Kahani

सफलता के लिए अहंकार का त्याग जरूरी– Hindi Best Kahani
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बहुत पहले की बात है। एक गांव में एक युवक रहता था, वह तीरंदाजी में बहुत अच्छा था। वह अपने आप को सबसे बड़ा धनुर्धर मानने लगा था।

सफलता के लिए अहंकार का त्याग जरूरी–1
सफलता के लिए अहंकार का त्याग जरूरी–1

वह जहां कहीं भी जाता, वहां के लोगों को मुकाबले की चुनौती देता और उन्हें हराकर उनका मजाक उड़ाता था। अपने घमंड में आकर उसने एक बार एक गुरु जी को चुनौती दे दी।

पहले तो गुरु जी ने उसे बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन जब वह नहीं माना तो गुरु जी ने भी उसकी चुनौती को स्वीकार कर लिया। अपने पहले ही प्रयास में उस युवक ने दूर रखें लक्ष्य को अपने तीर से बीचोंबीच भेद दिया।

फिर उसने गुरु जी से घमंड भरे स्वर में बोला – क्या आप इससे बेहतर कर सकते हैं?

गुरुजी उस युवक को एक खाई के पास ले गए। वहां जाकर युवक ने देखा कि दो पहाड़ियों के बीच लकड़ी का एक कमजोर पुल बना हुआ था और गुरु जी उसे पुल के ऊपर जाने के लिए कह रहे थे। गुरुजी पुल के बीचोंबीच पहुंचे और अपने धनुष पर तीर चढ़ाते हुए दूर एक पेड़ के तने पर सटीक निशाना लगाया।

फिर गुरु जी ने युवक से कहा – अब तुम्हारी बारी है। तुम भी अपना निशाना लगाकर अपनी काबिलियत को साबित करो।

सफलता के लिए अहंकार का त्याग जरूरी–2
सफलता के लिए अहंकार का त्याग जरूरी–2

युवक डर गया और डगमगाते हुए कदमों के साथ पुल के बीच पहुंचा और निशाना लगाया। पर वह असफल रहा उसका तीर उसके लक्ष्य के आसपास भी नहीं पहुंचा। फिर क्या था, युवक निराश हो गया और उसने अपनी हार स्वीकार कर ली। उसे अपने अहंकार का एहसास हो गया था।

तब गुरु जी ने उस युवक को समझाया – वत्स जब तक सीखने की जिज्ञासा है, तब तक ज्ञान में वृद्धि होती है। लेकिन अहंकार आते ही पतन आरंभ हो जाता है। तुमने तीर धनुष पर तो नियंत्रण पा लिया है, किन्तु तुम्हारा मन पर नियंत्रण अभी भी नहीं है जो किसी भी परिस्थिति में लक्ष्य भेदने के लिए जरूरी है। इसलिए अपने अहंकार का त्याग कर दो।

युवक को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने गुरु जी से क्षमा मांगी और कभी भी घमंड न करने की सौगंध ली।

इस कहानी से शिक्षा : सफलता के लिए अहंकार का त्याग करना बेहद जरूरी है। अहंकार इंसान को पतन की ओर ले जाता है, जबकि विनम्रता और सीखने की प्रवृत्ति ही असली महानता है।

सफलता में अहंकार क्यों बाधा बनता है?

  • अहंकार से सीखने की क्षमता खत्म हो जाती है।
  • व्यक्ति अपने आप को श्रेष्ठ समझने लगता है।
  • विनम्रता और धैर्य के बिना असली सफलता नहीं मिल सकती।
  • जीवन में दीर्घकालिक सफलता के लिए मन पर नियंत्रण जरूरी है।

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