दोस्तों, इस पोस्ट में हम एक लालची कुत्ता और हड्डी की हिंदी कहानी लिख रहे है। उम्मीद है कि ये कहानी भी आप लोगो को और कहानियों की तरह ही अच्छी लगेगी और इस कहानी से आप लोगो को कुछ सिखने को मिलेगा।
एक बार की बात है। जंगल में एक कुत्ता रहता था, उसका नाम मोती था। मोती एक बहुत ही लालची कुत्ता था। एक दिन जब मोती जंगल में घूम रहा था तो उसे मांस लगा बड़ा सा हड्डी का टुकड़ा मिला। उसने हड्डी के उस टुकड़े को अपने मुँह में दबाया और वहां से अपने घर की तरफ चल दिया।
रास्ते में मोती को एक नहर पर बने हुए पुल के ऊपर से पार होकर जाना था। पुल पर से गुजरते हुए मोती ने अपने आप को कहा ‘आज खाने का बहुत स्वाद आएगा।”
पुल के ऊपर ठीक आधे में पहुँच कर मोती ने पुल से निचे नहर के पानी में झाक कर देखा तो उसे पानी में अपनी परछाई दिखाई दी. मोती ने सोचा कि पानी में एक और कुत्ता भी है जिसके मुहँ में भी मांस वाली हड्डी है ।
वह लालची तो था ही, बिना कुछ सोचे समझे वो दूसरी हड्डी को भी पा लेने के लिए वह जोर से भौंकता हुआ पानी में कूद गया। भौंकने के कारन उसके मुँह में पकड़ा हुआ हड्डी का टुकड़ा पानी में गिर कर डूब गया। मोती भी जैसे तैसे पानी में तैर कर किनारे पहुँचा। किनारे पर पहुंच कर मोती ने उदास हो कर बोला “वाह रे मोती, दूसरी हड्डी पाने के चक्कर में तूने अपनी हड्डी भी गवा दी। “
इस कहानी से सीख:- इस हिंदी नैतिक कहानी से हमे ये सीख मिलती है कि लालच बहुत बुरी बला है। लालच कभी नहीं करना चाहिए। लालच में कुछ ज्यादा पाने के चक्कर में अपना पाया हुआ भी खो देता है।
ये कहानी आपको कैसी लगी, आप अपने विचार या सुझाव निचे कमेंट करके हमे बतायें।
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